फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के बढ़ते चलन के बीच प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। खासकर वेगन डाइट फॉलो करने वाले और डेयरी या एनिमल प्रोटीन से परहेज करने वाले लोग इसे अपना रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्लांट बेस्ड प्रोटीन वास्तव में “कम्प्लीट प्रोटीन” होता है?
क्या होता है Complete Protein?
प्रोटीन अमीनो एसिड से मिलकर बना होता है। शरीर को स्वस्थ रखने, मांसपेशियों की मरम्मत और नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए 9 आवश्यक (Essential) अमीनो एसिड की जरूरत होती है। चूंकि शरीर इन्हें स्वयं नहीं बना सकता, इसलिए इन्हें भोजन से प्राप्त करना आवश्यक होता है।
जिस प्रोटीन स्रोत में सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों, उसे Complete Protein कहा जाता है।
अंडा, मछली, चिकन और डेयरी उत्पाद Complete Protein के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं।
क्या Plant Based Protein Complete Protein होता है?
सभी प्लांट बेस्ड प्रोटीन कम्प्लीट प्रोटीन नहीं होते। कई पौधों से मिलने वाले प्रोटीन में एक या अधिक आवश्यक अमीनो एसिड की कमी हो सकती है। हालांकि कुछ पौधों से प्राप्त प्रोटीन ऐसे भी हैं जो Complete Protein की श्रेणी में आते हैं।
इनमें प्रमुख हैं:
* सोया प्रोटीन
* क्विनोआ
* चिया सीड्स
इसके अलावा कई कंपनियां मटर (Pea Protein) और ब्राउन राइस प्रोटीन को मिलाकर ऐसा प्रोटीन पाउडर तैयार करती हैं, जिसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड उपलब्ध हो सकें।
प्रोटीन पाउडर खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
सिर्फ “High Protein” लिखा देखकर कोई भी प्रोडक्ट खरीदना सही नहीं है। प्रोटीन की मात्रा के साथ यह देखना भी जरूरी है कि उसमें आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद हैं या नहीं।
खरीदने से पहले इन बातों पर ध्यान दें:
* इंग्रेडिएंट्स लिस्ट जरूर पढ़ें।
* Essential Amino Acid Profile चेक करें।
* Added Sugar की मात्रा देखें।
* Artificial Flavour और Preservatives कम हों।
* Third-party tested प्रोडक्ट को प्राथमिकता दें।
Plant Based Protein के फायदे
* शरीर को आवश्यक प्रोटीन उपलब्ध कराने में मदद करता है।
* पाचन के लिए अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
* फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।
* वेगन और लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोगों के लिए उपयुक्त विकल्प है।
* हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
Plant Based Protein के नुकसान
* कुछ उत्पादों में अतिरिक्त चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है।
* IBS या संवेदनशील पाचन वाले लोगों में गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
* सभी प्लांट बेस्ड प्रोटीन में पर्याप्त अमीनो एसिड नहीं होते।
* कम गुणवत्ता वाले उत्पाद पोषण संबंधी जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाते।
निष्कर्ष
प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर शरीर की प्रोटीन जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है, लेकिन हर प्लांट प्रोटीन “Complete Protein” नहीं होता। सोया जैसे स्रोत या मटर और ब्राउन राइस के संयोजन वाले प्रोटीन बेहतर विकल्प माने जाते हैं। किसी भी सप्लीमेंट को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले पोषण विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या सप्लीमेंट के सेवन से पहले योग्य चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
