Benefits Of Mulethi : नई दिल्ली। अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से आजकल महिलाओं में PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली मुलेठी (Licorice) महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। मुलेठी के नियमित सेवन से हार्मोन बैलेंस होता है और कई महिलाओं को पीरियड्स संबंधी समस्याओं से राहत मिल रही है।
PCOS के कारण और मुलेठी का असर
PCOS में इंसुलिन का स्तर बढ़ने से एंड्रोजन हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे पीरियड साइकल बिगड़ता है, वजन बढ़ता है और बांझपन की समस्या हो सकती है। आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार, मुलेठी में मौजूद नेचुरल एंटी-एंड्रोजन गुण एंड्रोजन को एस्ट्रोजन में बदलने में मदद करते हैं। इससे हार्मोन बैलेंस होता है और इनफर्टिलिटी की समस्या भी कम होती है।
त्वचा और वजन नियंत्रण में भी उपयोगी
PCOS से पीड़ित महिलाओं को अक्सर मुंहासे, पिंपल्स और त्वचा की सूजन की शिकायत होती है। मुलेठी के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण इन समस्याओं में राहत देते हैं। इसके अलावा यह वजन घटाने और बदलते मौसम में खांसी-जुकाम में भी फायदेमंद है।
मुलेठी ड्रिंक कैसे बनाएं और पिएं?
मुलेठी का पानी बनाना बहुत आसान है। 3 इंच लंबी मुलेठी की छाल को एक गिलास पानी में उबाल लें। सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना इसका सेवन करने से हार्मोनल बैलेंस बेहतर होता है।
नोट: मुलेठी का सेवन डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करें, खासकर गर्भवती महिलाओं और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
