नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय व्यापार, पारगमन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 16-17 सितंबर को नई दिल्ली में अंतर-सरकारी उप-समिति (IGSC) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने बाजार पहुंच आसान बनाने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और रेल-सड़क बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि नेपाली पक्ष का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुद्ध बहादुर गुरुंग ने किया। दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में कृषि और डेयरी उत्पादों, खाद्य पदार्थों, दवाओं, मेडिकल डिवाइस तथा आयुष उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को आसान बनाने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने सीमा शुल्क सहयोग को मजबूत करने के लिए सामान पहुंचने से पहले सूचना साझा करने, ‘सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन’ के इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन तथा कस्टम्स ऑटोमेशन और डिजिटलीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा की।
Rail-Road Connectivity: रेल-सड़क नेटवर्क और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट की समीक्षा
बैठक के दौरान भारत-नेपाल रेल और सड़क कनेक्टिविटी, माल की आवाजाही, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और लैंड-पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने और द्विपक्षीय एवं पारगमन व्यापार में आने वाली परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया।
इसके अलावा मानकों, खाद्य सुरक्षा, प्लांट क्वारंटीन और अनुरूपता मूल्यांकन के क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने वैध सीमा-पार व्यापार को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ अनधिकृत व्यापार और वाणिज्यिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुई। दोनों देशों ने संस्थागत तंत्र के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखने और तकनीकी स्तर पर आगे जांच की जरूरत वाले मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई करने पर सहमति जताई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
