उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ा फैसला लेते हुए उनके मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है। सरकार के आदेश के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राज्यांश में ₹4,000 और सहायिकाओं के राज्यांश में ₹2,000 प्रति माह की वृद्धि की गई है। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुल ₹12,000 और सहायिकाओं को ₹6,000 मासिक मानदेय मिलेगा। बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से लागू होगा, जबकि इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस हेल्थकेयर सुविधा देने की भी घोषणा की है। यह निर्णय आंगनबाड़ी कर्मियों की बढ़ती जिम्मेदारियों और बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ₹3,000 मासिक मानदेय मिलता था। इसे बढ़ाकर पहले ₹8,000 किया गया और अब ₹12,000 करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय ₹1,500 से बढ़ाकर ₹4,000 किया गया था, जिसे अब ₹6,000 किया जा रहा है।
इसके साथ ही प्रदेश की करीब 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अब दो की जगह तीन साड़ियां दी जाएंगी। अतिरिक्त साड़ी के लिए ₹500 की राशि दी जाएगी। इस फैसले से राज्य सरकार पर करीब ₹20 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
सरकार ने आंगनबाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया है। पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से योजनाओं और लाभार्थियों से जुड़ा डेटा रियल-टाइम में दर्ज करने में मदद मिल रही है।
युवाओं के लिए भी सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाली 50 हजार छात्राओं को स्कूटर देने की घोषणा की गई है। वहीं अगले छह महीनों में एक लाख युवा उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और माताओं तक विभिन्न सरकारी सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, अतिरिक्त पोषण वितरण, रिकॉर्ड रखने और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने जैसे कार्यों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
