छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में स्थित पाताल भैरवी मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है। बरफानी धाम परिसर में बना यह मंदिर अपनी अनूठी तीन-स्तरीय संरचना, विशाल शिवलिंग और भूमिगत माता पाताल भैरवी के गर्भगृह के कारण देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि माता पाताल भैरवी का गर्भगृह धरती के नीचे स्थित है, जहां श्रद्धालु सीढ़ियों से उतरकर माता के दर्शन करते हैं। मंदिर के दूसरे तल पर मां त्रिपुर सुंदरी और नवदुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जबकि सबसे ऊपरी मंजिल पर भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां और विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। मंदिर परिसर में स्थापित विशाल नंदी की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण का केंद्र है।
धार्मिक मान्यता है कि माता पाताल भैरवी के दर्शन और विधि-विधान से पूजा करने से भय, नकारात्मक शक्तियों और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और सावन माह के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
राजनांदगांव शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित यह मंदिर सड़क और रेल मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। शांत वातावरण, भव्य वास्तुकला और गहरी धार्मिक आस्था के कारण पाताल भैरवी मंदिर छत्तीसगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
