नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल राहुल गांधी पिछले दो दशकों से देश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और वर्तमान में विपक्ष की राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।
राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र हैं। देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के परिवार से संबंध रखने वाले राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के पौत्र हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में राहुल गांधी ने देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन किया। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ समय तक अपनी पहचान गोपनीय रखकर भी पढ़ाई की। बाद में उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के University of Cambridge से एमफिल की डिग्री प्राप्त की।
राहुल गांधी ने वर्ष 2004 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और उत्तर प्रदेश की Amethi लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। इसके बाद वे कांग्रेस संगठन में लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे और पार्टी के उपाध्यक्ष तथा बाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने।
वर्ष 2017 में राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बावजूद वे कांग्रेस की राजनीति के केंद्र में बने रहे और संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में सक्रिय रहे।
राहुल गांधी को देशव्यापी पहचान तब और मिली जब उन्होंने वर्ष 2022-23 में Bharat Jodo Yatra का नेतृत्व किया। कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली गई इस यात्रा को कांग्रेस ने सामाजिक और राजनीतिक संवाद का अभियान बताया। यात्रा के दौरान उनके कई भाषण और जनसभाएं चर्चा का विषय बनीं।
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता चुना गया। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष की सबसे प्रमुख आवाज के रूप में उभरे। वर्तमान में वे संसद और विभिन्न जन मुद्दों पर सरकार को घेरने के साथ-साथ कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
56 वर्ष की उम्र में राहुल गांधी का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ावों, चुनावी चुनौतियों और जन आंदोलनों से होकर गुजरा है। अमेठी से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर आज उन्हें देश की विपक्षी राजनीति के सबसे प्रमुख नेताओं में शामिल करता है।
