दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के संगठन G7 की बैठकें आमतौर पर वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों के लिए जानी जाती हैं। लेकिन फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान कुछ ऐसे अनौपचारिक पल सामने आए, जिन्होंने कूटनीति के मंच को हल्के-फुल्के अंदाज में बदल दिया। हॉट-माइक में रिकॉर्ड हुई बातचीत ने नेताओं के बीच की दोस्ती, मजाक और निजी चर्चाओं की झलक दुनिया के सामने रख दी।
मेलोनी ने सुनाई स्मोकिंग छोड़ने की कहानी
इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने 1 मई के बाद से एक भी सिगरेट नहीं पी है। यह सुनकर कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और अन्य नेताओं ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। माहौल तब और हल्का हो गया जब कार्नी ने मजाकिया अंदाज में उनसे निकोटीन पैच लगाने के बारे में पूछा।
‘मेलोडी’ ट्रेंड पर मोदी और मेलोनी की चर्चा
समिट के दौरान भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और जियोर्जिया मेलोनी की मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय “मेलोडी” ट्रेंड का जिक्र करते हुए दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए बातचीत की। मेलोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं।
मैक्रों की घड़ी पर ट्रंप का मजाक
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron अपनी घड़ी मेज पर भूल गए। इस पर मार्क कार्नी ने मजाक में कहा कि अब घड़ी उनके कब्जे में है। तभी अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हंसते हुए कहा, “अगर वह इसे भूल गए हैं, तो मुझे दे दो।” ट्रंप की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद नेता ठहाके लगाने लगे।
फुटबॉल और खेलों पर भी हुई चर्चा
फीफा विश्व कप की मेजबानी कर रहे अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के कारण नेताओं के बीच फुटबॉल भी चर्चा का विषय बना रहा। फ्रांसीसी टीम और क्लब फुटबॉल को लेकर कई नेताओं ने उत्साह दिखाया। वहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी फुटबॉल से जुड़ी अपनी जानकारी साझा की।
ट्रंप की ‘ग्रीनलैंड’ टिप्पणी बनी चर्चा का विषय
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष Antonio Costa के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप का “ग्रीनलैंड” शब्द बोलना भी चर्चा में रहा। हालांकि पूरी बातचीत स्पष्ट नहीं हो सकी, लेकिन इस टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ा दी।
G7 में शामिल हैं दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं
G7 समूह में United States, France, Germany, Italy, Japan, Canada और United Kingdom शामिल हैं। इस बार समिट में भारत समेत कई साझेदार देशों को भी विशेष आमंत्रण दिया गया है।
कूटनीति के गंभीर माहौल के बीच सामने आए ये हल्के-फुल्के पल दिखाते हैं कि वैश्विक मंच पर बड़े फैसलों के साथ-साथ मानवीय रिश्तों और हास्य का भी अपना महत्व होता है।
