मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, Shiv Sena (UBT) के 14 से 16 विधायक और 6 सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि अगले छह से सात दिनों के भीतर यह राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए 2022 की बगावत के बाद एक और बड़ा झटका होगा। 2022 में Eknath Shinde के नेतृत्व में हुए विद्रोह ने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल दी थी।
“ऑपरेशन टाइगर” की चर्चाओं से बढ़ी हलचल
राजनीतिक गलियारों में कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने अपने निवास Matoshree में पार्टी के सभी नौ लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई।
बैठक का उद्देश्य पार्टी की स्थिति की समीक्षा करना और संभावित टूट की खबरों पर चर्चा करना बताया गया। हालांकि, बैठक के बाद भी राजनीतिक अटकलों का दौर जारी है।
संजय निरुपम का बड़ा दावा
शिवसेना नेता Sanjay Nirupam ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता नेतृत्व पर भरोसा खो चुके हैं।
निरुपम ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो 2029 तक शिवसेना (UBT) का अस्तित्व समाप्त हो सकता है। उनके अनुसार, पार्टी से लगातार लोग बाहर जा रहे हैं और भविष्य में यह सिलसिला और बढ़ सकता है।
मंत्री आशीष जायसवाल ने साधी चुप्पी
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री Ashish Jaiswal ने इस मुद्दे पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक निर्णय पर चर्चा तब ही उचित होगी जब संबंधित नेता औपचारिक रूप से अपना फैसला ले लें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने राजनीतिक भविष्य और निर्वाचन क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है, तो उस पर बाद में चर्चा की जा सकती है। साथ ही उन्होंने दलबदल विरोधी कानून और संख्या बल से जुड़े पहलुओं को संबंधित दल का आंतरिक विषय बताया।
क्या होगा राजनीतिक असर?
यदि शिवसेना (UBT) से बड़ी संख्या में विधायक और सांसद अलग होते हैं, तो इसका असर न केवल पार्टी संगठन बल्कि महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर भी पड़ सकता है। हालांकि अभी तक किसी विधायक या सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इन खबरों को राजनीतिक अटकलों और सूत्रों के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
