छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने जशपुर जिले स्थित वन धन विकास केंद्र पनचक्की का निरीक्षण कर वहां संचालित वनोपज आधारित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने लघु वनोपजों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
निरीक्षण के दौरान रूपसाय सलाम ने केंद्र में तैयार किए जा रहे आयुर्वेदिक उत्पादों, विशेष रूप से आरोग्य अमृत अवलेह और वसाअवलेह के निर्माण, प्रसंस्करण तथा विपणन संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वन धन विकास केंद्र स्थानीय वन संसाधनों को आर्थिक अवसरों में परिवर्तित करने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लघु वनोपजों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन ग्रामीण तथा वनांचल क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही ये केंद्र स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
रूपसाय सलाम ने केंद्र में उत्पादित वनोपज आधारित वस्तुओं की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और बाजार में उपलब्धता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए विपणन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को उनके पारंपरिक संसाधनों का अधिकतम लाभ दिलाना और उनकी आजीविका को मजबूत बनाना है। वन धन विकास केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई पहचान दे रहे हैं।
वनोपज आधारित उत्पादों के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को उन्होंने राज्य के समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
