नई दिल्ली, 30 मई 2026। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद को “विश्वगुरु” बताती है, लेकिन देश की प्रमुख परीक्षाओं का सुचारु और निष्पक्ष संचालन करने में विफल रही है।
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा CUET-UG 2026 के कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
“एक भी परीक्षा ईमानदारी से नहीं करा सके”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा कि NEET, CBSE, SSC और CUET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार समस्याएं सामने आई हैं।
उन्होंने लिखा, “NEET, CBSE, SSC और आज CUET। चार परीक्षाएं, एक करोड़ छात्र। इनमें से एक भी परीक्षा ईमानदारी से नहीं कराई जा सकी।”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि सरकार देश को “विश्वगुरु” बनाने का दावा करती है, लेकिन परीक्षा प्रणाली को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में असमर्थ दिखाई दे रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है और इसका खामियाजा लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर है, वे सरकार से जवाब मांगेंगे।
उन्होंने कहा, “जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं, वही पीढ़ी आपको जवाबदेह ठहराएगी।”
पहले भी उठाया था CBSE का मुद्दा
इससे पहले भी राहुल गांधी ने परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है।
कांग्रेस नेता ने हाल ही में उन छात्रों के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया था, जिन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।
परीक्षा प्रणाली पर फिर छिड़ी बहस
राहुल गांधी के इस बयान के बाद एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं और परीक्षा संचालन में पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रबंधन को मुद्दा बना रहा है, वहीं सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से परीक्षा प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों की बात कही जाती रही है।
