रायपुर, 13 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य में इसका पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होगा। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी।
बताया गया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिकों को ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा मिलेगी, जिसके तहत लोग खुद अपने परिवार और घर की जानकारी पोर्टल पर भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे सर्वे के दौरान दिखाना होगा।
जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई तक चलेगा। इस दौरान “हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस” के तहत घर-घर जाकर 33 सवालों के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी।
प्रदेश में इस बड़े कार्य के लिए 62,500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें जनगणना अधिकारी, जिला स्तर के अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं। यह प्रक्रिया राज्य के सभी 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और लगभग 20 हजार गांवों में संचालित होगी।
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। पहली बार डेटा मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज किया जाएगा और इसकी निगरानी भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
