Chhattisgarh Government School : रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में 16 जून 2026 से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से होगी, उसके बाद पांच मंत्रों का अनिवार्य उच्चारण किया जाएगा। बिना मंत्रोच्चार के छात्रों को खाना नहीं मिलेगा।
प्रार्थना सभा में होंगे ये पांच मंत्र
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के बाद दीप वंदना, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का उच्चारण अनिवार्य होगा। इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों को सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।
समग्र विकास पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहती। बच्चों का समग्र विकास करना है। इसलिए पाठ्यक्रम और गतिविधियों में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। अब छात्रों को बारहखड़ी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक की जानकारी दी जाएगी। हर महीने दो-तीन महापुरुषों पर व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्र उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा ले सकें।
विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया
इस फैसले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि स्कूलों में मंत्रोच्चार अनिवार्य करने से शिक्षा का धर्मनिरपेक्ष चरित्र प्रभावित होगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह बदलाव बच्चों में अनुशासन, सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगा। नए सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
