दोपहर में झपकी लेना भले ही सुकून देता हो, लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गलत समय और लंबी अवधि तक सोने की आदत स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत दिल की बीमारियों, डायबिटीज और समय से पहले मौत के खतरे को बढ़ा सकती है।
क्या कहती है स्टडी
रिसर्च के मुताबिक, दोपहर की नींद खुद में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन अगर इसे गलत तरीके से लिया जाए तो यह शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है। खासतौर पर लंबी और देर से ली गई झपकी शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्ट हेल्थ पर असर डालती है।
जान लें सही नियम
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप दोपहर में सोना चाहते हैं तो इन दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. सही अवधि
दोपहर की नींद 10 से 30 मिनट के बीच ही होनी चाहिए। इससे ज्यादा सोना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
2. सही समय
झपकी लेने का सबसे सही समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच माना जाता है। इसके बाद सोना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को प्रभावित कर सकता है।
क्यों बढ़ता है खतरा
लंबी या देर से ली गई नींद शरीर के नेचुरल स्लीप साइकल को बिगाड़ देती है। इससे रात की नींद प्रभावित होती है, जो आगे चलकर हार्ट और शुगर से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।
क्या करें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिन की बजाय रात में 7-8 घंटे की पूरी नींद लेना सबसे जरूरी है। अगर दोपहर में सोना ही है तो इसे सीमित समय और सही समय पर ही लें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
