असम सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) योजना शुरू की है। इस योजना को मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में लागू किया गया है।
इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को ₹10,000 की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही है। अब तक 15 लाख से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ ले चुकी हैं।
पहले इस योजना का लक्ष्य 32 लाख महिलाओं तक पहुंचना था, जिसे अब बढ़ाकर 40 लाख कर दिया गया है।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें। महिलाएं इस राशि का उपयोग सिलाई, डेयरी, खेती, किराना दुकान जैसे काम शुरू करने में कर सकती हैं।
योजना के तहत आगे भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है। व्यवसाय शुरू करने पर महिलाओं को ₹25,000 तक का कम ब्याज लोन दिया जाता है, जबकि सफल बिजनेस पर ₹50,000 तक की अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का किसी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता, निवास प्रमाण पत्र और समूह से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं। सत्यापन के बाद राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाती है।
यह योजना राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
