नई दिल्ली। Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में देश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने भारत औद्योगिक विकास योजना ‘भव्य’ (BHAVYA) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देशभर में 100 आधुनिक और निवेश-तैयार इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। इस योजना के लिए कुल 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे छह वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या है BHAVYA योजना और इसका उद्देश्य
BHAVYA योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इस योजना के तहत “प्लग एंड प्ले” मॉडल पर इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे, जहां उद्योग लगाने के लिए पहले से ही सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद होंगी। इससे कंपनियों को सेटअप में समय नहीं लगेगा और वे तुरंत उत्पादन शुरू कर सकेंगी।
100 शहरों में बनेंगे इंडस्ट्रियल हब
केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि देश के 100 ऐसे शहरों का चयन किया जाएगा, जहां औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होने की क्षमता है। इन स्थानों पर बड़े स्तर पर औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
जमीन, बिजली-पानी जैसी सुविधाएं पहले से तैयार
इस योजना की खास बात यह है कि उद्योगपतियों को जमीन आवंटित करने से पहले ही वहां सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी ढांचा तैयार कर दिया जाएगा। इससे निवेशकों को किसी तरह की शुरुआती परेशानी नहीं होगी और उत्पादन तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
प्रति एकड़ 1 करोड़ तक की सहायता, रोजगार पर जोर
सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। मैदानी इलाकों में कम से कम 100 एकड़ और पूर्वोत्तर व पर्वतीय क्षेत्रों में 25 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। इस योजना से करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
NITDC को मिली जिम्मेदारी, SPV मॉडल पर होगा विकास
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए National Industrial Township Development Corporation (NITDC) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह संस्था स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाकर राज्य सरकारों, केंद्रीय पीएसयू और निजी डेवलपर्स के साथ मिलकर इन परियोजनाओं को विकसित करेगी।
प्रोजेक्ट चयन और मूल्यांकन के खास मानदंड
इन इंडस्ट्रियल पार्कों का चयन “चैलेंज मोड” में किया जाएगा। मूल्यांकन के लिए पीएम गतिशक्ति के सिद्धांत, अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर, ग्रीन एनर्जी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे सुधारों को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। इससे आधुनिक और टिकाऊ औद्योगिक ढांचा तैयार किया जा सकेगा।
यूपी में हाईवे प्रोजेक्ट को भी मंजूरी
कैबिनेट ने Uttar Pradesh में बाराबंकी से बहराइच तक 101.5 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 6,969 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
FCRA संशोधन बिल को हरी झंडी
कैबिनेट ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA संशोधन बिल को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य देश में गैर-सरकारी संगठनों को मिलने वाले विदेशी फंड की पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करना है।
कपास MSP पर खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संचालन में हुए 1718 करोड़ रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति को भी मंजूरी दी है। इससे किसानों और संबंधित एजेंसियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम
BHAVYA योजना को भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और देश की आर्थिक वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी।
