नई दिल्ली। Jammu and Kashmir cricket team ने Ranji Trophy 2025-26 का खिताब जीतकर भारतीय घरेलू क्रिकेट में इतिहास रच दिया। फाइनल में Karnataka cricket team के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।
यह जीत 67 साल के लंबे इंतजार का अंत है। टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी में 1950 के दशक के आखिर में पदार्पण किया था, लेकिन अब जाकर वह चैंपियन बनने में सफल हुई है।
हुबली में दिखा दबदबा
फाइनल मुकाबला KSCA Hubli Cricket Ground में खेला गया। कप्तान पारस डोगरा की अगुवाई में टीम ने अनुशासित गेंदबाज़ी और धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया। आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को जम्मू-कश्मीर ने लगभग ढाई दिन तक पूरी तरह दबाव में बनाए रखा।
पहली पारी की बढ़त बनी निर्णायक
जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पहली पारी में 584 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन पर सिमट गई। इस तरह जम्मू-कश्मीर को 291 रन की मजबूत बढ़त मिली, जो अंततः मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
फॉलोऑन का विकल्प होने के बावजूद कप्तान ने दूसरी पारी खेलने का रणनीतिक फैसला किया, जिसने टीम की स्थिति और मजबूत कर दी।

इकबाल और लोत्रा के शतक
दूसरी पारी में कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया। दोनों ने नाबाद शतक जमाए। इकबाल 160 रन और लोत्रा 101 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे।
जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में 4 विकेट पर 342 रन बना लिए, जिसके बाद दोनों टीमों के कप्तानों ने मुकाबला ड्रॉ घोषित करने का फैसला किया। कुल मिलाकर टीम ने 633 रन की बढ़त हासिल की।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
जम्मू-कश्मीर इससे पहले 2013-14, 2019-20 और 2024-25 सीज़न में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन हर बार खिताब से दूर रह गया। इस बार टीम संयम, आत्मविश्वास और स्पष्ट रणनीति के साथ मैदान पर उतरी और इतिहास रच दिया।
