Bobby Deol Birthday : मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल का करियर संघर्ष, धैर्य और शानदार वापसी की मिसाल बन चुका है। कभी रोमांटिक हीरो के रूप में करोड़ों दिलों पर राज करने वाले बॉबी ने अपने करियर के ऐसे दौर देखे, जब उन्हें सालों तक काम नहीं मिला। इस कठिन समय में उन्होंने डीजे तक का काम किया और डिप्रेशन से जूझते हुए अपने करियर को फिर से जीवित किया।
शुरुआत और हिट फिल्मों का दौर
27 जनवरी 1969 को धर्मेंद्र और प्रकाश कौर के घर जन्मे बॉबी देओल ने बचपन में ही फिल्मी दुनिया में कदम रखा। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्म ‘धर्मवीर’ से अपने करियर की शुरुआत की। साल 1995 में फिल्म ‘बरसात’ से उन्होंने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया और पहली ही फिल्म से सुपरस्टार बन गए। उनकी मासूम मुस्कान, घुंघराले बाल और रोमांटिक अंदाज ने उन्हें युवाओं का पसंदीदा बना दिया। ‘सोल्जर’, ‘गुप्त’, ‘अजनबी’, ‘हमराज’ और ‘बादल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हिट मशीन के रूप में स्थापित किया।

करियर में गिरावट और संघर्ष
2000 के दशक के बाद बॉबी देओल का करियर धीमे पड़ने लगा। एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगभग 10 साल तक कोई बड़ी फिल्म का ऑफर नहीं मिला। इस दौरान बॉबी ने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वह मानसिक रूप से टूट चुके थे और डिप्रेशन का सामना कर रहे थे। आर्थिक जरूरत और व्यस्त रहने के लिए उन्होंने 2016 में दिल्ली के एक नाइट क्लब में बतौर डीजे काम भी किया।

आश्रम और नई पहचान
साल 2018 में बॉबी देओल को ‘रेस 3’ से बड़े पर्दे पर मौका मिला, लेकिन असली गेम-चेंजर साबित हुई वेब सीरीज ‘आश्रम’। इस सीरीज में बाबा निराला के किरदार ने बॉबी की किस्मत बदल दी। इस निगेटिव रोल ने दर्शकों और इंडस्ट्री में उनकी छवि को पूरी तरह बदल दिया। इसके बाद फिल्म ‘एनिमल’ में भी उनके दमदार निगेटिव किरदार ने बॉबी को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।

संघर्ष और कमबैक की मिसाल
आज बॉबी देओल सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि संघर्ष और वापसी की कहानी के प्रतीक बन चुके हैं। डीजे से लेकर बाबा निराला तक का उनका सफर यह दर्शाता है कि कठिन समय में भी आत्मविश्वास और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है। बॉबी देओल ने साबित कर दिया कि सही मौके और मेहनत से किस्मत बदल सकती है।

