प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रसारण, मुख्यमंत्री का संदेश होगा वाचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर के मुख्य कार्यक्रम में होंगे शामिल
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर 15 नवम्बर को पूरे छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण अधिकृत यूट्यूब चैनल और डीडी न्यूज के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश पत्र वाचन भी किया जाएगा। “पीएम जनमन”, “आदि कर्मयोगी” और “धरती आबा” योजनाओं पर आधारित लघु फिल्में भी प्रदर्शित होंगी।
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जगदलपुर में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि की भूमिका में शामिल होंगे। कार्यक्रम में वनमंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
राज्य के विभिन्न जिलों में अतिथियों की उपस्थिति इस प्रकार रहेगी:
- दुर्ग : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
- बिलासपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
- रायपुर : केंद्रीय राज्यमंत्री तोखनलाल साहू
- राजनांदगांव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
- बलरामपुर : कृषि मंत्री रामविचार नेताम
- बेमेतरा : खाद्य मंत्री दयालदास बघेल
- मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
- कोरबा : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन
- रायगढ़ : राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा
- सरगुजा : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
- जांजगीर-चांपा : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
- महासमुंद : कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
- कांकेर : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव
- कोरिया : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल
इसी तरह अन्य जिलों में सांसदों और विधायकों की उपस्थिति रहेगी, जिनमें प्रमुख हैं—
बृजमोहन अग्रवाल (बलौदाबाजार-भाटापारा), चिंतामणि महाराज (सूरजपुर), विजय बघेल (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई), संतोष पांडेय (कबीरधाम), भोजराज नाग (बालोद), रूपकुमारी चौधरी (गरियाबंद), राधेश्याम राठिया (जशपुर), कमलेश जांगड़े (सक्ति), महेश कश्यप (बीजापुर), देवेन्द्र प्रताप सिंह (सारंगढ़-बिलाईगढ़), डोमनलाल कोर्सेवाड़ा (मोहला–मानपुर–चौकी), अजय चंद्राकर (धमतरी), लता उसेण्डी (कोंडागांव), पुन्नूलाल मोहले (मुंगेली), विक्रम उसेण्डी (नारायणपुर), नीलकंठ टेकाम (सुकमा), चैतराम अटामी (दंतेवाड़ा) और प्रणव कुमार मरपच्ची (गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही)।

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। जनजातीय संस्कृति, कला, व्यंजन, हस्तशिल्प और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहेगी। स्कूलों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों में भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
