रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में अंग्रेजी हुकूमत काल के जनजातीय विद्रोहों पर आधारित भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक का निर्माण अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बनाया जा रहा यह देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर उद्घाटित होगा। मुख्य सचिव विकास शील ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की।
14 गैलरियों में जीवंत आदिवासी इतिहास
संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के 14 प्रमुख जनजातीय विद्रोहों—हल्बा, सरगुजा, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह, और जंगल सत्याग्रह—के वीर नायकों के शौर्य को 14 गैलरियों में डिजिटल रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। आगंतुकों को इन आंदोलनों की जीवंत झलकियां देखने-सुनने को मिलेंगी, जो स्थानीय संस्कृति और इतिहास को जीवंत कर देंगी।
मुख्य सचिव का निरीक्षण और निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव शील ने कहा कि संग्रहालय में सभी वस्तुओं और सामग्री को मूल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाए। ओरिएंटेशन रूम में डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी या अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार हो, ताकि स्थानीय जुड़ाव मजबूत हो। उन्होंने PM के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए गैलरियों का भ्रमण किया और सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन, सौंदर्यीकरण, विद्युत आपूर्ति, गार्डनिंग, और वृक्षारोपण की तैयारियां समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव बोरा की समीक्षा बैठक
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों की बैठक में संग्रहालय रूट चार्ट और आदिवासी विद्रोहों का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला डिजिटल आदिवासी संग्रहालय PM मोदी के हाथों उद्घाटित होगा।” सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने का आग्रह किया। बोरा ने PM के लोकार्पण रूट के अनुसार सुरक्षा और सौंदर्यीकरण पर जोर दिया।
सशक्त माध्यम बनेगा संग्रहालय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से निर्मित यह संग्रहालय आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान की स्मृति को संजोएगा। इसमें डिजिटल तकनीक से इतिहास को जीवंत किया जाएगा, जो पर्यटन, शिक्षा, और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देगा।
बैठक में प्रमुख अधिकारी
बैठक में संभागायुक्त महादेव कावरे, आयुक्त आदिम जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल आयुक्त अवनीश शरण, कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर आयुक्त विश्वजीत, संचालक टीआरटीआई हिना अनिमेष नेताम, संचालक अंत्यावसायी विकास डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, अतिरिक्त कलेक्टर नम्रता जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, डीआईजी अग्निशमन सुरेश ठाकुर, एनआरडीए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग मुख्य और कार्यपालन अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
