नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह उनका 12वां लगातार स्वतंत्रता दिवस भाषण था, जिसके साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 11 लगातार भाषणों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। अब वे केवल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं, जिन्होंने 17 बार लगातार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया था। इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल (1966-1977 और 1980-1984) में कुल 16 स्वतंत्रता दिवस भाषण दिए थे।
भाषण में प्रमुख मुद्दों पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने 103 मिनट के संबोधन में, जो अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण है, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष का जिक्र करते हुए संगठन के योगदान को सराहा। इसके साथ ही, उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर गर्व व्यक्त किया, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर देश की ताकत का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सेना ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और ऑपरेशन सिंदूर इसका जीवंत उदाहरण है।”
आत्मनिर्भर और विकसित भारत का विजन
पीएम मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के अपने विजन को दोहराते हुए कहा कि भारत ने 2030 के विकास लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की वकालत की, मौजूदा कानूनों को सांप्रदायिक और भेदभावपूर्ण बताते हुए। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसा भारत चाहिए जो समता और न्याय पर आधारित हो।” इसके अलावा, उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ कठोर रुख और वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की बात कही।
प्राकृतिक आपदाओं और सैनिकों को नमन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। भाषण से पहले, उन्होंने राष्ट्रीय समर स्मारक पर देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारतीय सेना की वीरता की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारे सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मनों को करारा जवाब दिया, जिससे दुनिया में भारत की शक्ति की गूंज सुनाई दी।”
तकनीक, खेल और आर्थिक प्रगति
मोदी ने तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि भारत को नवाचार और स्वदेशी तकनीक का केंद्र बनाना है। उन्होंने खेलों को प्रोत्साहन देने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर होगा।
ऐतिहासिक भाषण और नई योजनाएं
इस वर्ष का 103 मिनट का भाषण न केवल सबसे लंबा था, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी शामिल थीं। पीएम ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की, जिसके तहत 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश से युवाओं के लिए 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, उन्होंने अगली पीढ़ी की जीएसटी सुधारों की घोषणा की, जिसे उन्होंने “डबल दिवाली गिफ्ट” करार दिया।
