नई दिल्ली। देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई गई।
पार्टी के संस्थापक Abhijeet Dipke ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा विवादों से छात्रों तथा अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने थाली और चम्मच बजाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक मामलों की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की।
सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
प्रदर्शन को लेकर जारी अपने पत्र में अभिजीत दिपके ने उन छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की, जिनकी कथित तौर पर परीक्षा संबंधी तनाव और विवादों के बीच मृत्यु हुई। उन्होंने छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत नीतिगत सुधारों पर जोर दिया।
इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने शिक्षा सुधार और छात्रों के मुद्दों को लेकर आवाज उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई तथा पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया गया। प्रमुख परिवहन केंद्रों और प्रवेश मार्गों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली की स्थापना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
