छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने आज जांजगीर-चांपा जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की। डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर यह 410वीं तथा जिले में 12वीं जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें कुल 28 प्रकरणों की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान एक मामले में दंपति के बीच पहले हो चुके समझौते की जानकारी मिलने पर आयोग ने दोनों पक्षों को भविष्य में विवाद नहीं करने की समझाइश दी तथा नियमित काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में आयोग कार्यालय में पूर्व में हुई अभद्रता को लेकर संबंधित पक्षों ने आयोग के समक्ष माफी मांगी। इसके बाद आयोग ने दोनों पक्षों को आपसी मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचने की सलाह देते हुए प्रकरण का निराकरण किया।
एक मामले में डीएनए परीक्षण और भरण-पोषण संबंधी पूर्व आदेश का पालन नहीं किए जाने पर आयोग ने संबंधित अधिकारियों को दो माह के भीतर डीएनए जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा पूरा खर्च संबंधित पक्ष से वसूलने के निर्देश दिए।
आयोग ने एक अन्य प्रकरण में पाया कि पति-पत्नी के बीच तलाक का मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। इस तथ्य के आधार पर आयोग ने मामला नस्तीबद्ध कर दिया।
कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न से जुड़े एक अन्य मामले में आयोग ने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्राप्त होने वाली शिकायत की जांच आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) से कराने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
