नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी है। खरगे ने कहा कि अगर भाजपा को अपनी चुनावी लोकप्रियता पर भरोसा है, तो वह संसद भंग कर बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराकर दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाकर कथित तौर पर वोट चोरी की जा रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि कथित चुनावी धांधली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्टी 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी और लोगों को जागरूक करने के लिए देशभर में अभियान चलाएगी।
महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। खरगे के मुताबिक, देश की जनता मौजूदा सरकार से नाखुश है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता तथा न्याय चाहती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस का देशव्यापी अभियान
कांग्रेस लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे अल्पसंख्यक और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग प्रभावित हुए हैं।
खरगे ने बेंगलुरु में कहा कि कांग्रेस कथित वोट चोरी के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाए और कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को प्रतीकात्मक संसद सत्र आयोजित करने और 1 नवंबर को दिल्ली में रैली निकालने की योजना बनाई है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव का भी उठाया मुद्दा
खरगे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की चर्चा का भी उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा को उसके राजनीतिक इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब पार्टी लोकसभा में केवल दो सीटों पर सिमट गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव में जीत या हार के आधार पर मतपत्र से चुनाव कराने की मांग को खारिज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में अपने अधिकारों और मांगों के लिए संघर्ष करना जरूरी है। उनके मुताबिक, जब तक लोग चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक इन मुद्दों को लेकर व्यापक जागरूकता पैदा नहीं होगी।
बैलेट पेपर से चुनाव की मांग पर कायम कांग्रेस
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल पर खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी भविष्य में भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाती रहेगी। उन्होंने बताया कि हाल के चुनावों में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) ने सभी चार सीटें जीती थीं, लेकिन इससे कांग्रेस अपनी मांग वापस नहीं लेगी।
खरगे का कहना था कि चुनाव में जीत हासिल करना और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना अलग-अलग विषय हैं। कांग्रेस का दावा है कि मतदाता सूची और चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों पर निष्पक्ष जांच तथा व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
फिलहाल, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की कांग्रेस की मांग और कथित वोट चोरी के आरोपों ने राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर अब राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर रहेगी।
