मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि इस परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा तथा यहां उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मान देने का प्रतीक होगा।
उन्होंने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना विकसित होने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, निवेश आकर्षित होता है और रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई दिशा देगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह परियोजना व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लागू किए गए सुधारों का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश के आर्थिक विकास पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में जिस आधुनिक थोक बाजार की परिकल्पना की गई थी, वह अब साकार हो चुकी है। इससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होगी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह परियोजना गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। इससे प्रदेश में व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। पहले चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल बनाए गए, जबकि दूसरे चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया। दोनों चरणों के पूरा होने के साथ छत्तीसगढ़ को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।
