मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने धारा 370 हटाने, अंत्योदय आधारित विकास और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाले निर्णयों को उनके विचारों का साकार रूप बताया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए प्रदेश के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल प्रखर राजनेता ही नहीं, बल्कि विलक्षण शिक्षाविद भी थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने वाले डॉ. मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सिद्धांतों से समझौता न करते हुए उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और आवश्यकता पड़ने पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना भी स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान’ की व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक संघर्ष किया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज पूरा देश उनके त्याग और राष्ट्रनिष्ठा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गौरवशाली इतिहास और उपेक्षित स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। हर घर तिरंगा अभियान ने राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर स्थित शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के 14 वीर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में विशेष दीर्घा स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अंत्योदय के विचारों को आधार बनाकर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्प पूरे किए गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। 500 से अधिक गांवों तक आधारभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं, 700 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रसेवा, शिक्षा, त्याग और समर्पण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
