विजय शर्मा ने रविवार को रायपुर से कवर्धा जाते समय बेमेतरा के पास हाईवे पर नेक्स्ट जेन डायल-112 सेवा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खुद मारपीट और सड़क दुर्घटना के पीड़ित बनकर डायल-112 पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने का इंतजार किया।
फिल्मी अंदाज में सिस्टम की पड़ताल
डिप्टी CM का यह निरीक्षण किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं लगा। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी तुलना नायक के उस दृश्य से की, जहां नेता खुद मैदान में उतरकर सिस्टम की कार्यप्रणाली परखता है।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम से विजय शर्मा ने बातचीत की और वाहन में लगे आधुनिक उपकरणों, संचार व्यवस्था, GPS आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम तथा AI तकनीक का निरीक्षण किया।
“डायल-112 लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद”
गृहमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि डायल-112 केवल एक हेल्पलाइन नंबर नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रिस्पांस टाइम, व्यवहार और तकनीकी दक्षता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिस्पांस टाइम पर खास जोर
निरीक्षण के दौरान डिप्टी CM ने पूछा कि शिकायत मिलने के बाद टीम को मौके तक पहुंचने में कितना समय लगा और रास्ते में कौन-कौन सी तकनीकों का उपयोग किया गया। अधिकारियों ने उन्हें लाइव ट्रैकिंग सिस्टम और AI आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और त्वरित प्रतिक्रिया ही लोगों का भरोसा मजबूत करती है।
