विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी जरूरी और ठोस कदम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ब्लैक स्पॉट की होगी नियमित मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग करने और वहां तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति बेहतर बनाने को कहा, ताकि हादसों की आशंका कम हो सके।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन पर जोर
बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा कोष, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही पीएम राहत योजना और पीएम ई-ड्राइव योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू एसओपी के पालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
प्रदेश में 150 स्थानों पर लगे ईवी चार्जिंग स्टेशन
मुख्य सचिव ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना में तेजी लाने को कहा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों पर योजना के तहत सब्सिडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सड़क हादसों के घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों का अस्पतालों में कैशलेस उपचार किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में एस. प्रकाश, आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
