Khatu Shyam Mandir : सीकर। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है। बाबा खाटू श्याम को ‘हारे का सहारा’ कहा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से दरबार में हाजिरी लगाने और दुख-दर्द बताने पर बाबा अपने भक्तों की हर मुश्किल दूर करते हैं। अगर आप खाटू श्याम मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं तो यहां की पूरी जानकारी आपके काम आएगी।
Khatu Shyam Mandir : दिन में पांच बार होती है आरती
खाटू श्याम मंदिर में हर रोज कुल पांच आरतियां होती हैं। हर आरती का अपना अलग समय और अलग महत्व है। दूर-दूर से आने वाले भक्त किसी भी आरती में शामिल हो सकते हैं। आरती के दौरान मंदिर का माहौल बेहद भक्तिमय हो जाता है।
Khatu Shyam Mandir : खाटू श्याम मंदिर में आरती का समय
- मंगला आरती — सुबह 4:30 बजे
- शृंगार आरती — सुबह 7:00 बजे
- भोग आरती — दोपहर 12:30 बजे
- संध्या आरती — शाम 7:30 बजे
- शयन आरती — रात 10:00 बजे
हर आरती का अपना विशेष महत्व है। मंगला आरती दिन की शुभ शुरुआत मानी जाती है। शृंगार आरती में बाबा को खूबसूरत वस्त्र और आभूषण पहनाए जाते हैं। भोग आरती में प्रसाद चढ़ाया जाता है। संध्या आरती शाम की आरती है और शयन आरती दिन के अंत का प्रतीक है।
Khatu Shyam Mandir : मंदिर खुलने और बंद होने का समय
खाटू श्याम मंदिर के पट सुबह 4:30 बजे खुल जाते हैं। दोपहर 12:30 बजे भोग आरती के बाद मंदिर कुछ समय के लिए बंद हो जाता है। इसके बाद मंदिर शाम 4:00 बजे दोबारा खुलता है और रात 10:00 बजे शयन आरती के बाद पूरी तरह बंद कर दिया जाता है।
भक्तों को सलाह दी जाती है कि मंदिर पहुंचने से पहले समय की पुष्टि कर लें क्योंकि त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
खाटू श्याम मंदिर में आने वाले भक्तों की आस्था और भक्ति देखते ही बनती है। यहां पहुंचकर बाबा के दरबार में मत्था टेकने और आरती में शामिल होने का अनुभव हर भक्त को यादगार बन जाता है।
