Brain Dead-Coma : नई दिल्ली। मानव शरीर में मस्तिष्क (ब्रेन) सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है, जो शरीर की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। कई बार गंभीर दुर्घटना, स्ट्रोक या बीमारी के कारण व्यक्ति बेहोशी की ऐसी स्थिति में चला जाता है, जिसे कोमा या ब्रेन डेड कहा जाता है। अक्सर लोग इन दोनों स्थितियों को एक जैसा समझ लेते हैं, जबकि चिकित्सा विज्ञान में ये दोनों अलग-अलग अवस्थाएं हैं।
Brain Dead-Coma : कोमा क्या होता है?
कोमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक बेहोश रहता है और उसे आसपास की किसी भी चीज़ का एहसास नहीं होता।
कोमा की मुख्य विशेषताएं
- मरीज गहरी बेहोशी में रहता है
- आंखें नहीं खोलता
- आवाज या दर्द पर प्रतिक्रिया बहुत कम या नहीं देता
- शरीर की कुछ क्रियाएं चलती रहती हैं
कोमा के कारण
- सिर में गंभीर चोट
- ब्रेन स्ट्रोक
- ऑक्सीजन की कमी
- दिमाग में संक्रमण
- अधिक मात्रा में दवा या नशा
क्या कोमा से मरीज ठीक हो सकता है?
हाँ, कई मामलों में मरीज कोमा से बाहर आ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिमाग को कितनी क्षति हुई है।
Brain Dead-Coma : ब्रेन डेड क्या होता है?
ब्रेन डेड वह स्थिति है जब मस्तिष्क पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है। इसे चिकित्सा विज्ञान में कानूनी मृत्यु (Legal Death) माना जाता है।
ब्रेन डेड की मुख्य विशेषताएं
- मस्तिष्क की सभी गतिविधियां पूरी तरह बंद
- मरीज खुद से सांस नहीं ले सकता
- शरीर केवल मशीनों की मदद से चलता है
- रिकवरी की कोई संभावना नहीं होती
ब्रेन डेड और कोमा में अंतर
| कोमा | ब्रेन डेड |
|---|---|
| मरीज बेहोश होता है | मस्तिष्क पूरी तरह काम बंद |
| सांस ले सकता है | सांस मशीन से चलती है |
| ठीक होने की संभावना हो सकती है | ठीक होना संभव नहीं |
| ब्रेन गतिविधि रहती है | ब्रेन गतिविधि समाप्त |
ब्रेन डेड कैसे पता चलता है?
डॉक्टर कई मेडिकल टेस्ट के जरिए ब्रेन डेड की पुष्टि करते हैं, जैसे:
- ब्रेन स्टेम रिफ्लेक्स टेस्ट
- EEG (ब्रेन वेव टेस्ट)
- ब्लड फ्लो टेस्ट
अगर इन सभी में मस्तिष्क की कोई गतिविधि नहीं मिलती, तो डॉक्टर ब्रेन डेड घोषित कर देते हैं।
अंगदान से जुड़ा संबंध
ब्रेन डेड घोषित होने के बाद कई देशों में मरीज के अंगदान (Organ Donation) की प्रक्रिया की जा सकती है। इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
कोमा और ब्रेन डेड दोनों गंभीर स्थितियां हैं, लेकिन इनमें बड़ा अंतर है। कोमा में मरीज के ठीक होने की संभावना हो सकती है, जबकि ब्रेन डेड स्थिति में मस्तिष्क पूरी तरह काम करना बंद कर देता है और इसे चिकित्सा विज्ञान में मृत्यु माना जाता है।
