वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने स्पष्ट किया है कि भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार है और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
लोकसभा में बोलते हुए पुरी ने कहा कि आधुनिक ऊर्जा इतिहास में दुनिया ने शायद ही कभी ऐसा संकट देखा हो, लेकिन भारत की स्थिति सुरक्षित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईंधन की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और गलत जानकारी न फैलाएं।
मंत्री ने बताया कि भारत ने कच्चे तेल के आपूर्ति स्रोतों का सफलतापूर्वक विविधीकरण किया है। पहले भारत के कुल आयात का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते आता था, लेकिन अब वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाकर जोखिम को काफी कम कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि संकट से पहले गैर-होर्मुज स्रोतों से आने वाला कच्चा तेल लगभग 55 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है। साथ ही भारत के कच्चे तेल के आपूर्ति स्रोत 2006-07 में 27 देशों से बढ़कर अब लगभग 40 देशों तक पहुंच गए हैं।
पुरी ने यह भी बताया कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, कई मामलों में 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर भी संचालन हो रहा है। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एटीएफ और अन्य ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता है और देशभर के पेट्रोल पंपों पर इनका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
इसके अलावा एलएनजी की आपूर्ति भी वैकल्पिक मार्गों से लगातार आ रही है। अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से गैस और कच्चे तेल की खेप प्राप्त की जा रही है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि लंबा संघर्ष होने की स्थिति में भी भारत की ऊर्जा आपूर्ति और बिजली उत्पादन सुरक्षित रहेगा।
