Modi-Putin: नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा कई ऐतिहासिक क्षणों और गर्मजोशी भरे स्वागत की गवाह बनी। चार साल बाद भारत आए पुतिन के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ प्रोटोकॉल तोड़कर स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया, बल्कि विदा होते समय उन्हें भारतीय संस्कृति, विरासत और मित्रता की प्रतीक कई खास भेंटें भी दीं। ये उपहार सिर्फ वस्तुएं नहीं, बल्कि भारत-रूस की दशकों पुरानी दोस्ती और आपसी सम्मान का संदेश भी हैं।
असम की पारंपरिक ब्लैक टी
पीएम मोदी ने पुतिन को असम की विश्वप्रसिद्ध ब्लैक टी भेंट की, जो ब्रह्मपुत्र घाटी में उगाई जाती है। अपने गहरे स्वाद, चमकीले रंग और पारंपरिक प्रोसेसिंग के लिए मशहूर इस चाय को 2007 में जीआई टैग भी प्राप्त है। यह उपहार भारत की समृद्ध चाय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।
मुर्शिदाबाद का हस्तनिर्मित चांदी का टी सेट
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बने चांदी के खूबसूरत टी सेट ने पुतिन को भारत की शिल्पकला की बारीकियों से रूबरू कराया। परंपरागत डिजाइन से सजा यह सेट भारत और रूस दोनों देशों में चाय की साझा सांस्कृतिक महत्ता गर्मजोशी, मेहमाननवाजी और जुड़ाव का प्रतीक है।

महाराष्ट्र का चांदी का घोड़ा
महाराष्ट्र के कलाकारों द्वारा बनाया गया चांदी का हस्तनिर्मित घोड़ा भारतीय धातु कला का बेहतरीन उदाहरण है। भारत और रूस दोनों में घोड़े को वीरता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसकी आगे बढ़ती हुई आकृति दोनों देशों की मजबूत और निरंतर आगे बढ़ती साझेदारी का संदेश देती है।
आगरा का संगमरमर शतरंज सेट
पुतिन को भेंट किया गया संगमरमर का शतरंज सेट आगरा की अप्रतिम शिल्प परंपरा का उत्कृष्ट नमूना है। संगमरमर, लकड़ी और अर्ध-कीमती पत्थरों के मेल से बना यह सेट शिल्पकारों की महीन कारीगरी और भारतीय कला के finesse को दर्शाता है।
कश्मीर का केसर
प्रधानमंत्री ने पुतिन को दुनिया में मशहूर कश्मीरी केसर भी भेंट किया, जिसे कोंग या ज़ाफ़रान के नाम से जाना जाता है। ऊँचे पहाड़ी इलाकों में उगने वाला यह केसर अपने गहरे रंग, अनोखी सुगंध और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय पाक परंपरा का यह खूबसूरत हिस्सा दोस्ती के इस आदान-प्रदान में खास रहा।

श्रीमद्भगवद गीता का रूसी अनुवाद
पीएम मोदी की सबसे विशेष भेंट रही श्रीमद्भगवद गीता का रूसी अनुवाद। यह उपहार भारतीय दर्शन, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ और सम्मान का प्रतीक है। पुतिन के साथ यह गीता देना दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और मजबूती देता है।
