उज्जैन। नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर रविवार को उज्जैन ने एक ऐतिहासिक कार्यक्रम की मेजबानी की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट में कन्या पूजन कर इस महाआयोजन की शुरुआत की। विशेष बात यह रही कि शहर में पहली बार एक साथ 121 स्थानों पर लगभग 25 हजार कन्याओं का पूजन-भोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नवरात्रि केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि शक्ति संचय और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक भी है। उन्होंने उज्जैन के आध्यात्मिक इतिहास का स्मरण करते हुए बताया कि माता हरसिद्धि का स्वरूप अद्वितीय है “रात्रिकालीन उज्जैन और दिन का समय गुजरात में व्यतीत करना। सांयकाल की आरती के समय झूले का स्वयं झूलना और प्रातः आरती में उसका थम जाना यह चमत्कारी अनुभव उज्जैन की पहचान है।”
डॉ. यादव ने कहा, “हमारे घर-परिवार की पूर्णता बेटियों से ही होती है। बेटियों के बिना न तो घर की मर्यादा रहती है और न ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। बहन-बेटियां ही परिवार और समाज को संवारती हैं। यह परंपरा युगों-युगों से चली आ रही है।”
इस भव्य आयोजन की रूपरेखा लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महा आयोजन समिति के संयोजक अनिल जैन कालूहेड़ा के नेतृत्व में तैयार की गई थी। समिति ने भाजपा संगठन के सहयोग से उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में 25 हजार कन्याओं की सूची बनाई। सहसंयोजक जगदीश पांचाल ने बताया कि 267 बूथों पर लगभग 5000 कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर बालिकाओं का पंजीयन किया और उसी आधार पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में प्रदेशभर से 30 विधायक, 10 सांसद, 3 मंत्री और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इस सामूहिक कन्या पूजन ने नवरात्रि पर्व को भक्ति, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का अद्वितीय स्वरूप प्रदान किया।
