नई दिल्ली/भुवनेश्वर। भारत ने ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण केंद्र से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह परीक्षण देश की बढ़ती रक्षा क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता का परिचायक है।
अग्नि-5 मिसाइल की खासियतें
- लंबाई और चौड़ाई: 17 मीटर लंबी और 2 मीटर चौड़ी।
- पेलोड क्षमता: 1 टन परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम।
- प्रोपल्शन सिस्टम: 3 चरणों वाला अत्याधुनिक तकनीक से लैस।
- एमआईआरवी तकनीक: एक मिसाइल से कई स्थानों पर लक्ष्य को तबाह करने की क्षमता।
- रेंज: लगभग 4,790 किलोमीटर तक।
इस मिसाइल की सफलता से भारतीय सेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और यह देश की सामरिक ताकत को और मजबूत बनाएगी।
अग्नि परिवार का विकास
मिसाइल | रेंज |
---|---|
अग्नि-1 | 900–1,200 किलोमीटर |
अग्नि-P | 1,000–2,000 किलोमीटर |
अग्नि-2 | 2,000+ किलोमीटर |
अग्नि-3 | 3,000+ किलोमीटर |
अग्नि-4 | 4,000+ किलोमीटर |
अग्नि-5 | 5,000+ किलोमीटर |
अग्नि-6 | 5,000–12,000 किलोमीटर |
बंकर बस्टर वर्जन की तैयारी
DRDO ने अग्नि-5 का नया नॉन-न्यूक्लियर वर्जन तैयार करने की योजना बनाई है। यह विशेष रूप से एयरफोर्स के लिए विकसित किया जा रहा है।
- वारहेड क्षमता: करीब 8 टन।
- दो प्रकार के इस्तेमाल:
- एयरबर्स्ट: हवा में फटकर बड़े इलाके में धमाका, रनवे, एयरबेस और रडार सिस्टम को नुकसान।
- बंकर बस्टर: जमीन के अंदर 80–100 मीटर तक जाकर दुश्मन के कमांड सेंटर या हथियारों की जगह को तबाह।
- रेंज: लगभग 2,500 किलोमीटर।