खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जशपुर जिला प्रशासन ने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में विकासखंड बगीचा में बिना लाइसेंस और बिना पीओएस मशीन के उर्वरक बेचने के मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 79 बोरी उर्वरक जब्त कर उनकी बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई।
उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान ग्राम सुलेसा में बिना वैध लाइसेंस के उर्वरक बिक्री पाए जाने पर 35 बोरी डीएपी, 10 बोरी सुपर फॉस्फेट और 7 बोरी यूरिया सहित कुल 52 बोरी उर्वरक जब्त किए गए।
वहीं, सन्ना स्थित किसान कृषि केंद्र में बिना पीओएस मशीन के उर्वरक विक्रय किए जाने पर 27 बोरी डीएपी उर्वरक जब्त कर उसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
कृषि विभाग ने बताया कि दोनों मामलों की जांच के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी विकासखंडों में उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण जारी है और कालाबाजारी, जमाखोरी, नकली उर्वरकों की बिक्री या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
