काठमांडू। नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाली सेना और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने अब तक 95 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं, दो महिलाओं समेत पांच लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस प्राकृतिक आपदा में कई मकान, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को आई अचानक बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। पानी के तेज बहाव में मकान और पुल बह गए। इसके बाद नेपाली सेना, पुलिस और अन्य राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान शुरू किया। सोमवार को भी लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी रहा।
चार हेलीकॉप्टरों की मदद से चलाया गया बचाव अभियान
नेपाली सेना के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इस अभियान में एमआई-17 सहित चार हेलीकॉप्टरों और जमीनी बचाव दलों की मदद ली गई। रविवार शाम तक विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 में उंगिलुंग नदी के पास धौलीभीर इलाके में फंसे तीन लोगों को भी सेना के हेलीकॉप्टर की सहायता से बचाया गया। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, ये लोग मवेशियों के बाड़े में थे, तभी अचानक भूस्खलन होने के कारण वहां फंस गए। बाद में उन्हें हेलीकॉप्टर से फिलिम पहुंचाया गया।
पांच लोग लापता, 700 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, आपदा के बाद दो महिलाओं सहित पांच लोग लापता हैं। उनकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्यों में 700 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें नेपाली सेना के 171 जवान शामिल हैं।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तंबू, कंबल, गद्दे, स्लीपिंग बैग और रसोई से जुड़ी आवश्यक सामग्री भी पहुंचाई जा रही है, ताकि विस्थापित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
45 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान
प्राधिकरण की जानकारी के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है। नुकसान का विवरण इस प्रकार है:
– 45 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।
– 27 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा।
– दो झूला पुल और वाहनों के आवागमन वाले दो पुल क्षतिग्रस्त हुए।
– तीन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं।
– मवेशियों के 34 बाड़ों को नुकसान पहुंचा।
– तीन वाहन बाढ़ के पानी में बह गए।
प्रशासन प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने और लोगों को राहत पहुंचाने में जुटा है।
हिमालयी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा
नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों के प्रवाह में अचानक बदलाव के कारण बाढ़ का खतरा बना रहता है। भूस्खलन के मलबे से नदियों और जलधाराओं का रास्ता अवरुद्ध होने पर अस्थायी जलाशय बन सकते हैं। ऐसे अवरोध टूटने पर पानी का तेज बहाव निचले इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है।
गोरखा जिले में हुई इस आपदा ने एक बार फिर हिमालयी नदियों के किनारे बसे समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं, जबकि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है।
