नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) नवंबर में भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। मार्च में पदभार संभालने के करीब आठ महीने बाद होने वाली यह यात्रा उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, तीन दिवसीय दौरा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में प्रस्तावित है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सीमा विवाद और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
हालांकि, बालेन शाह सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका गए थे, लेकिन नवंबर में प्रस्तावित भारत यात्रा को उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा माना जा रहा है। अभी तक भारत या नेपाल की ओर से यात्रा की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से अहम दौरा
नेपाल के प्रधानमंत्रियों की परंपरा रही है कि वे पदभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को प्राथमिकता देते रहे हैं। हालांकि, इस परंपरा के कुछ अपवाद भी रहे हैं। वर्ष 2008 में पुष्प कमल दहल प्रचंड ने चीन का दौरा किया था। वहीं, केपी शर्मा ओली ने दिसंबर 2024 में सत्ता में वापसी के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना था।
ऐसे में बालेन शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बालेन शाह ने शुरुआत में भारत और चीन समेत अन्य देशों के राजनयिकों से बातचीत को लेकर सतर्क रुख अपनाया था। ऐसे में उनकी नई दिल्ली यात्रा से भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बाढ़ राहत और पुनर्निर्माण पर भी हो सकती है चर्चा
यह यात्रा नेपाल में अगस्त में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रस्तावित है। बाढ़ के दौरान भारत ने नेपाल को राहत सामग्री और बचाव विशेषज्ञों की सहायता भेजी थी। ऐसे में दोनों देशों के बीच आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा, सीमा से जुड़े विषयों और दोनों देशों के बीच जारी विकास परियोजनाओं की प्रगति भी बातचीत का हिस्सा बन सकती है।
पीएम मोदी से मुलाकात और कई समझौतों पर चर्चा की संभावना
‘द काठमांडू पोस्ट’ की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और नेपाल के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की सूची का आदान-प्रदान किया है, जिनका उद्घाटन या शुभारंभ बालेन शाह की यात्रा के दौरान किया जा सकता है।
दौरे के दौरान बालेन शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात और कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर चर्चा की संभावना है।
इन परियोजनाओं पर रह सकती है नजर
प्रस्तावित यात्रा के दौरान जिन परियोजनाओं का उद्घाटन या शुभारंभ हो सकता है, उनमें काठमांडू के दक्षिण-पूर्व में पनौती स्थित नेपाल पुलिस अकादमी शामिल है। इस परियोजना को भारत की ओर से वित्तीय सहायता दी गई है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश से सटे सुनौली सीमा क्षेत्र के पास भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और पश्चिमी नेपाल के दारचुला जिले में महाकाली नदी पर बने पुल से जुड़ी परियोजनाएं भी चर्चा में रह सकती हैं। भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट की आधारशिला जून 2023 में रखी गई थी।
रबी लामिछाने की भारत यात्रा के बाद बढ़ी कूटनीतिक हलचल
बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा से पहले जून में नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने नई दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान भाजपा मुख्यालय में उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।
इस मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार केशव प्रधान ने उस समय कहा था कि लामिछाने के स्वागत के जरिए नेपाली प्रधानमंत्री को भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई हो सकती है।
फिलहाल बालेन शाह के भारत दौरे की तैयारियां जारी हैं। आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यात्रा के दौरान किन समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे और किन परियोजनाओं को हरी झंडी मिलेगी।
