Assembly Elections Voting 2026 West Bengal-Tamil Nadu : पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज यानी 23 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हो गया। दोनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़ मतदान केंद्रों पर नजर आई। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। इस दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
बंगाल में मतदान प्रतिशत
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान हो रहा है। आज पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग हुई। शाम 5 बजे तक बंगाल में कुल 89.93% मतदान दर्ज किया गया, जो कि 2011 के आंकड़े से भी ज्यादा है। इस मतदान प्रतिशत ने राज्य में भारी उत्साह और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया। पहले चरण में जिन जिलों में मतदान हुआ, उनमें प्रमुख रूप से अलीपुरद्वार (88.74%), बांकुड़ा (89.91%), बीरभूम (91.55%), कूचबिहार (92.07%), दक्षिण दिनाजपुर (93.12%) और जलपाईगुड़ी (91.20%) शामिल हैं।
तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान
वहीं तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हो रहा है। शाम 5 बजे तक तमिलनाडु में 82.24% मतदान दर्ज किया गया। इस राज्य में भी मतदान प्रक्रिया के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। प्रमुख जिलों में जहां मतदान हुआ, उनमें अरियालुर (83.09%), चेंगलपट्टू (82.41%), चेन्नई (81.34%), कोयंबटूर (82.33%), धर्मपुरी (87.28%) और डिंडीगुल (86.35%) शामिल हैं।
राजनीतिक माहौल
चुनाव के मद्देनजर, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में एडप्पादी के पलानीस्वामी की एआईएडीएमके के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। बंगाल में खासकर सत्ता विरोधी लहर का असर देखने को मिल सकता है, जबकि तमिलनाडु में गठबंधन राजनीति और पार्टी प्रत्याशियों के बीच मुकाबला कड़ा हो सकता है।
अगले चरण की वोटिंग
बंगाल में पहले चरण के बाद, दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा, जबकि तमिलनाडु में मतदान खत्म होने के बाद नतीजों का इंतजार होगा। शाम 5 बजे तक के उच्च मतदान प्रतिशत से साफ है कि दोनों राज्यों की जनता इस बार चुनाव में खासा उत्साहित नजर आ रही है। अंतिम मतदान आंकड़े और EVM मशीनों की सुरक्षा के बाद अब सभी की निगाहें 4 मई 2026 को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं।
