Iran-America Tension: वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक युद्ध खत्म नहीं होगा। ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर जारी किया।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान आत्मसमर्पण करता है, तो वहां नया और स्वीकार्य नेतृत्व चुना जाएगा। इसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेंगे। ट्रंप ने अपने संदेश में “मेक ईरान ग्रेट अगेन (MIGA)” का नारा भी दिया।
ईरान के भविष्य को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने कहा कि ईरान का भविष्य बेहतर हो सकता है, बशर्ते वहां नई नीतियों और नेतृत्व परिवर्तन को स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका भविष्य में ईरान को पहले से ज्यादा मजबूत और विकसित देश बनाने में मदद कर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पहले भी कई बार ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग कर चुके हैं। पिछले साल भी उन्होंने इसी तरह का बयान दिया था, जब सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा हो रही थी।
ईरान के सुप्रीम लीडर पर भी ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप ने ईरान के भविष्य के सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे ईरान की राजनीतिक स्थिति में भूमिका निभाना चाहते हैं, जैसा उन्होंने वेनेजुएला की राजनीति में किया था।
ट्रंप ने खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी बनाए जाने की चर्चाओं की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान को ऐसा नेता चुनना चाहिए जो देश में शांति और स्थिरता ला सके। फिलहाल ईरान ने नए सुप्रीम लीडर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
तेल बाजार पर पड़ा बयान का असर
ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल देखने को मिली। कच्चे तेल के बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
इजरायल का तेहरान में बड़ा हमला
तनाव के बीच इजरायल ने भी बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इजरायली वायुसेना ने तेहरान में ईरानी नेतृत्व परिसर के नीचे बने अंडरग्राउंड बंकर पर हमला किया।
लगभग 50 फाइटर जेट्स ने 100 से ज्यादा बम गिराए। यह बंकर ईरान के वरिष्ठ नेतृत्व के लिए बनाया गया था और कई गुप्त बैठक कक्ष भी यहां बनाए गए थे। इजरायल का दावा है कि इस हमले से ईरान की कमांड और कंट्रोल क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान और इजरायल-ईरान तनाव के कारण मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति बहाली के प्रयासों पर जोर दे रहा है, लेकिन हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
