रायपुर। छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शिवरीनारायण को विकास की बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 14 अक्टूबर 2026 को तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ करते हुए महानदी पर 63 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए पुल के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना, राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास और नगर को नगरपालिका बनाने की दिशा में सर्वे कराने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक महत्ता और भविष्य की विकास संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। नए पुल के निर्माण से आवागमन सुगम होगा तथा आसपास के गांवों और क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। वहीं, एसटीपी प्लांट से गंदे पानी का समुचित शोधन करने और महानदी को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
माता शबरी की पावन धरती पर आना सौभाग्य: मुख्यमंत्री साय
शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के चरणों से पावन हुई माता शबरी की धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण आस्था, भक्ति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौमाता की पूजा-अर्चना की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना की। उन्होंने शिवरीनारायण में प्रतिदिन संध्या आरती की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ती हैं।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ से बढ़ेंगी पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत इसके विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
उन्होंने शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में सर्वे कराने की बात भी कही। इससे नगर की भविष्य की आवश्यकताओं, नागरिक सुविधाओं और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा।
मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेशवासियों को दी गई गारंटियों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के बाद पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया गया था। इनमें से लगभग साढ़े 11 लाख आवास पूरे हो चुके हैं और प्रतिदिन करीब 1,600 आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 हजार आवास दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है।
किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए गए वादों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। किसानों को धान का लंबित बकाया बोनस दिया गया है। उन्होंने बताया कि धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र भी खोले गए हैं।
वनांचल में रहने वाले परिवारों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएं भी प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांव, गरीब, किसान और वनवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह सहायता महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय शुरू करने और अपनी आय बढ़ाने के लिए कर रही हैं।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ और भगवान श्रीराम के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। यहां भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में सम्मान देने की विशिष्ट परंपरा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से श्रीरामलला दर्शन योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण के धार्मिक महत्व और राम वनगमन पर्यटन परिपथ के विकास से छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सकती है।
बस्तर में शांति और विकास की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री ने बस्तर में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को स्थायी आधार प्रदान करना है।
सुशासन के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना सुशासन का मूल उद्देश्य है। इसी दिशा में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है और शासकीय कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा जनहित के कार्यों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा लगभग 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किए जा चुके हैं। इन केंद्रों से ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं के साथ नकद निकासी जैसी सुविधाएं भी स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं।
जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने शिवरीनारायण के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल संरक्षण को समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। साथ ही महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति समाज को संकल्पित होने का आह्वान किया।
सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि जल संरक्षण भविष्य की जरूरत है। उन्होंने लोगों से नदियों और जलस्रोतों को सुरक्षित रखने, घरों में सोख्ता गड्ढे बनाने तथा पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण करने की अपील की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का भी आग्रह किया।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, श्रीमती कौशल्या देवी साय, सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक रामसुंदर दास, नारायण चंदेल और पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आस्था, संस्कृति और विकास को साथ लेकर राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। महानदी पर नए पुल, एसटीपी प्लांट और राम वनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़ी घोषणाओं को शिवरीनारायण के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
