CG Assembly : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को बुलाया जाएगा। इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) और 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के लोकसभा में पास न होने पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस ऐतिहासिक विधेयक में जानबूझकर रुकावट डाली है।
CM साय ने विपक्ष पर लगाया गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे लोकसभा में पास नहीं होने दिया। उन्होंने इसे देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ धोखा बताया। CM साय ने कहा कि नरेंद्र मोदी बनने के बाद से लगातार महिलाओं के सम्मान और अधिकारिता पर जोर दे रहे हैं, लेकिन विपक्ष इस प्रगतिशील कदम का विरोध कर रहा है।
20 अप्रैल को रायपुर में निकाली गई थी जन आक्रोश रैली
इस मुद्दे पर भाजपा ने पहले ही 20 अप्रैल को रायपुर में जन आक्रोश रैली निकाली थी। रैली में शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की थी कि विपक्ष के रुख के खिलाफ छत्तीसगढ़ विधानसभा में विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पास किया जाएगा। रैली में हजारों कार्यकर्ताओं और महिला प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तुरंत पास करने की मांग की थी।
विशेष सत्र में क्या होगा?
30 अप्रैल को होने वाले इस एक दिवसीय विशेष सत्र में मुख्य रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने पर चर्चा होगी। विधानसभा में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया जाएगा और इसे पास कर केंद्र सरकार को मजबूत संदेश दिया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह विधेयक महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम है, जिसे विपक्ष की वजह से रोका जा रहा है।
महिलाओं के अधिकारों पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास होने से देश की महिलाओं को पंचायत से लेकर संसद तक 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो उनके राजनीतिक भविष्य को नई दिशा देगा।
