ICC fines Arshdeep Singh : नई दिल्ली। टी20 विश्वकप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच के दौरान एक छोटी घटना के कारण भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर जुर्माना लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी मानते हुए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है।
जांच के बाद आईसीसी ने पाया कि मैदान पर हुई घटना आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के दायरे में आती है। इस नियम के अनुसार किसी खिलाड़ी की दिशा में गेंद या अन्य क्रिकेट उपकरण को अनुचित या खतरनाक तरीके से फेंकना उल्लंघन माना जाता है।
अनुशासन रिकॉर्ड में जोड़ा गया डिमेरिट अंक
जुर्माने के साथ ही अर्शदीप सिंह के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। हालांकि पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला उल्लंघन है, इसलिए उन्हें किसी प्रकार के निलंबन का सामना नहीं करना पड़ा।
आईसीसी के नियमों के अनुसार यदि किसी खिलाड़ी के 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हो जाते हैं, तो उन्हें निलंबन अंक में बदला जा सकता है, जिसके बाद खिलाड़ी पर मैच खेलने से प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
क्या होती है लेवल-1 उल्लंघन की सजा
आचार संहिता के तहत लेवल-1 उल्लंघन को अपेक्षाकृत हल्का अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी को चेतावनी से लेकर अधिकतम 50 प्रतिशत मैच फीस तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही अनुशासन रिकॉर्ड में एक या दो डिमेरिट अंक भी जोड़े जा सकते हैं।
मैच के दौरान हुई थी घटना
यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के दौरान 11वें ओवर में हुई थी। उस समय अर्शदीप सिंह ने गेंद को फील्ड करने के बाद तेज थ्रो किया, जो सीधे बल्लेबाज डेरिल मिचेल के पैड पर जा लगा। घटना के बाद मैदान पर कुछ देर के लिए माहौल गर्म जरूर हुआ, लेकिन मामला जल्द ही शांत हो गया।
खिलाड़ी ने स्वीकार की सजा
इस मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी क्योंकि अर्शदीप सिंह ने मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया। ओवर समाप्त होने के बाद अर्शदीप सिंह और डेरिल मिचेल को एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए भी देखा गया, जिससे साफ हो गया कि दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी तरह की नाराजगी नहीं है।
