Ajit Pawar Plane Crash: बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि जिस विमान से वह यात्रा कर रहे थे, उसे लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए। बताया गया कि अजित पवार Learjet-45 नाम के जेट से यात्रा कर रहे थे, जिसे एविएशन की भाषा में ‘सुपर लाइट जेट’ कहा जाता है। लेकिन आखिर इस विमान को सुपर लाइट क्यों कहा जाता है? इसकी खूबियां क्या हैं? आइए विस्तार से समझते हैं।

क्या है Learjet-45?
Learjet-45 एक ट्विन-इंजन लाइट बिजनेस जेट है, जिसे खास तौर पर कॉर्पोरेट और वीआईपी यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। यह विमान छोटे और रीजनल एयरपोर्ट्स पर टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए उपयुक्त माना जाता है, इसी वजह से बारामती जैसे एयरपोर्ट्स पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।
‘सुपर लाइट’ जेट क्यों कहा जाता है?
एविएशन इंडस्ट्री में Learjet-45 को Super Light Jet Category में रखा गया है। इस कैटेगरी की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी। इसका उद्देश्य ऐसे जेट बनाना था जो लाइट एयरक्राफ्ट होने के बावजूद बेहतर स्पीड, रेंज और कंफर्ट दे सकें।

Learjet-45 को सुपर लाइट कहे जाने के पीछे ये मुख्य कारण हैं:
- हाई परफॉर्मेंस: यह जेट तेज रफ्तार और लंबी रेंज के लिए जाना जाता है, जिससे कम समय में मध्यम दूरी की यात्रा संभव हो पाती है।
- 8-सीटर क्षमता: इसमें आमतौर पर 8 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है। डबल-क्लब सीटिंग अरेंजमेंट, गैले और लैवेटरी (वॉशरूम) जैसी सुविधाएं मौजूद होती हैं।
- कंफर्ट और डिजाइन: नाम भले ही ‘लाइट’ हो, लेकिन केबिन कंफर्ट के मामले में यह किसी बड़े बिजनेस जेट से कम नहीं माना जाता।
- कम दूरी के रूट के लिए बेहतर: लगभग 3 से 3.5 घंटे की उड़ान के लिए यह जेट आदर्श माना जाता है, इसी वजह से निजी और चार्टर्ड उड़ानों में इसकी मांग रहती है।
कितना पुराना था हादसे का शिकार विमान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त Learjet-45 का टेल नंबर VT-SSK और सीरियल नंबर 45-417 था। यह विमान करीब 16 साल पुराना बताया जा रहा है। यह जेट दिल्ली की कंपनी VSR Ventures Private Limited के बेड़े का हिस्सा था, जिसके पास कुल 17 विमान हैं।

कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं थी और चालक दल काफी अनुभवी था। उनके अनुसार, खराब दृश्यता (Low Visibility) हादसे की एक संभावित वजह हो सकती है, हालांकि असली कारणों का खुलासा DGCA की जांच के बाद ही होगा।
पहले भी हो चुका है Learjet-45 से जुड़ा हादसा
यह पहली बार नहीं है जब Learjet-45 किसी दुर्घटना का शिकार हुआ हो। करीब तीन साल पहले, सितंबर 2023 में VSR Ventures का ही एक Learjet-45XR मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ था। उस समय भारी बारिश और कम दृश्यता को दुर्घटना की वजह माना गया था। हालांकि उस हादसे में सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
बारामती विमान हादसे को लेकर फिलहाल कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रनवे की स्थिति, मौसम, दृश्यता, ऑटोपायलट सिस्टम और कॉकपिट चेतावनियों जैसे सभी पहलुओं की जांच के बाद ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
