नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली के प्रजापति सम्मेलन में भाग लेकर ओबीसी, दलित और आदिवासी समाज की भागीदारी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस 90 फीसदी आबादी को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जातिगत जनगणना पर जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं।
“ओबीसी हूं” पर भाषण, लेकिन जातिगत जनगणना पर चुप्पी – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए कहा कि वे बार-बार खुद के ओबीसी होने का जिक्र करते हैं और घंटों भाषण देते हैं, लेकिन जातिगत जनगणना पर एक शब्द नहीं बोलते। उन्होंने कहा कि ओबीसी, दलित और आदिवासी समाज को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आरक्षण की एक दीवार खड़ी की गई है।
कॉर्पोरेट घरानों और मनरेगा का उदाहरण
राहुल ने कहा कि टाटा, अंबानी और अडानी जैसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों में एक भी ओबीसी का नाम सीनियर मैनेजमेंट की सूची में नहीं मिलेगा, लेकिन मनरेगा की सूची में अधिकतर लोग ओबीसी ही होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी का कर्ज माफ नहीं किया जाता, जबकि अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों का हजारों करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया जाता है।
प्रजापति समाज को दिया भरोसा
प्रजापति समाज को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में उनकी 9 करोड़ आबादी है, लेकिन इतिहास में कहीं भी इस समाज का जिक्र नहीं मिलता। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस हमेशा पिछड़े समाजों की आवाज उठाएगी और उनके हक की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा, “RSS चाहती है कि समाज का व्यक्ति वहीं रहे, जहां है। लेकिन मैं चाहता हूं कि प्रजापति समाज का बच्चा भी अंबानी-अडानी जैसा बने।”
चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने रायबरेली के बटोही रिसॉर्ट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग को “तानाशाह” करार दिया और कहा कि अब हमारे पास वोट चोरी के सबूत मौजूद हैं, लेकिन आयोग कार्रवाई करने की बजाय दबाव बनाकर विपक्ष को रोकने का काम कर रहा है।
