Laszlo Krasznahorkai Nobel Prize 2025 Winner: 2025 के साहित्य नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है और विजेता हैं हंगरी के प्रसिद्ध लेखक लास्ज़लो क्राज़्नाहोरकाई। उन्हें यह सम्मान अपनी दूरदर्शी और गहन साहित्यिक कृतियों के लिए दिया गया, जो मानवता, नश्वरता और सौंदर्य के जटिल पहलुओं को उजागर करती हैं।
विजेता और उनकी कृतियाँ
लास्ज़लो क्राज़्नाहोरकाई की रचनाएँ विशेषकर ‘Sióbo There Below’ और चीन-जापान की उनकी यात्राओं से प्रेरित हैं। उनकी किताबें अक्सर सर्वनाशकारी आतंक के बीच कला की शक्ति को प्रदर्शित करती हैं और सूक्ष्म, गहराईपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती हैं।
उनका 2003 का उपन्यास ‘Ezserkol Hegi, Delrol To, Nyugatrol Utak, Keletrol Folyo’ एक रहस्यमयी कहानी है, जो क्योटो के दक्षिण-पूर्व में घटित होती है और शक्तिशाली काव्यात्मक अंशों से भरी है। यह कृति बाद में प्रकाशित ‘Sióbo There Below’ (2013) की प्रस्तावना का संकेत देती है।

साहित्यिक सफर
लास्ज़लो का पहला उपन्यास ‘Satantango’ (1985) हंगरी के ग्रामीण इलाकों में साम्यवाद के पतन से ठीक पहले के जीवन को दिखाता है। उपन्यास में खेतों में रहने वाले बेसहारा लोगों की कहानी है, जो किसी चमत्कार की प्रतीक्षा में हैं। इस उपन्यास पर 1994 में बेला तार के निर्देशन में एक मौलिक फ़िल्म भी बनाई गई थी।
व्यक्तिगत जीवन
लास्ज़लो का जन्म 1954 में हंगरी के छोटे से कस्बे Gyula में हुआ, जो रोमानियाई सीमा के पास है। उनकी साहित्यिक शैली गहराई, सूक्ष्म संतुलन और दर्शनशक्ति के लिए जानी जाती है, जो उन्हें विश्व साहित्य में एक विशिष्ट पहचान दिलाती है।
इस नोबेल पुरस्कार के साथ, लास्ज़लो क्राज़्नाहोरकाई न केवल हंगरी, बल्कि विश्व साहित्य में अपनी अद्वितीय छाप छोड़ने में सफल हुए हैं।
