धरसींवा। नवरात्र पर्व पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (CKS) ने गरबा आयोजन का विरोध करते हुए थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। क्रान्ति सेना ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी अपनी समृद्ध संस्कृति है, जिसमें सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य, पंथी, ददरिया, राउत नाचा, सेवा जस गीत और माता की चरित्रण झांकी जैसी परंपराएं सदियों से रची-बसी हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि गरबा गुजरात की संस्कृति है, जिसे छत्तीसगढ़ में थोपने की कोशिश हो रही है। कई बार गरबा कार्यक्रमों में फिल्मी गानों और अशोभनीय वस्त्रों का प्रयोग किया जाता है, जिससे नवरात्र जैसे पावन पर्व की गरिमा आहत होती है और आने वाली पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ता है।

इसे माता का अपमान बताते हुए क्रान्ति सेना ने साफ किया कि वे किसी की संस्कृति का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि संस्कृति के नाम पर फैल रही अश्लीलता और दिखावे का विरोध कर रहे हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के सभी पदाधिकारी और सेनानी मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसे आयोजनों पर रोक नहीं लगाई गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
