रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को पुलिस ने कुछ दिनों पहले भगोड़ा घोषित किया था। उनके खिलाफ सिंधी समाज के आराध्य और अग्रवाल समाज के महापुरुष को लेकर विवादित बयान देने के मामले में गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही अमित बघेल की जानकारी देने वाले किसी भी व्यक्ति को 5,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की गई थी।
पुलिस लगातार अमित बघेल की तलाश में जुटी हुई थी और अब सूचना मिली है कि वे 5 दिसंबर को रायपुर में स्वयं सरेंडर कर सकते हैं। इससे पहले उनके कई दिनों से फरार होने की खबरें सामने आती रही हैं। पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है और उनके सरेंडर के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इस बीच प्रशासन और सुरक्षा बलों ने भी शहर में सतर्कता बढ़ा दी है।
अमित बघेल पर अग्रवाल और सिंधी समाज के आराध्य देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप है। 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना के बाद क्रांति सेना ने हंगामा किया था। इसके बाद बघेल के बयानों ने आग में घी डाल दिया। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, महाराष्ट्र और प्रयागराज में FIR दर्ज हैं। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
