वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दरों का एकरूप निर्धारण
रायपुर, 11 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं, जो 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी हैं। “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर द्वारा अनुमोदित यह संशोधन लगभग सात वर्षों बाद किया गया है। नई दरों का उद्देश्य भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य को दर्शाना, विसंगतियाँ दूर करना और किसानों व आमजन को वास्तविक लाभ पहुंचाना है।
एकसमान क्षेत्र, एकसमान दर — वैज्ञानिक पद्धति से रेशनलाइजेशन
गाइडलाइन पुनरीक्षण में विभाग ने वैज्ञानिक पद्धति अपनाई। समान मार्ग, भौगोलिक स्थिति, सुविधाएँ और क्षेत्रीय चरित्र वाले इलाकों को समूहित कर दरें तय की गईं। इससे पूर्व में मौजूद कृत्रिम असमानताएँ समाप्त हो गईं।
शहरी क्षेत्रों में बड़ी राहत — एक वार्ड में कई दरों की समस्या खत्म
पहले एक ही वार्ड में कई कंडिकाओं के कारण अलग-अलग दरें लागू होने से भ्रम की स्थिति बनती थी। नई गाइडलाइन में अनावश्यक कंडिकाएँ हटाकर दरों को एकसमान किया गया।
उदाहरण — नगर निगम कोरबा वार्ड 12 नई बस्ती:
- मधु स्वीट्स, बजरंग, पीएनबी गली : ₹8,000/वर्गमीटर
- मुरारका पेट्रोल पंप से टीपी नगर चौक : ₹32,500/वर्गमीटर
अब इन सभी को एक क्षेत्र मानकर दर ₹30,000/वर्गमीटर निर्धारित की गई और 20% वृद्धि के बाद अंतिम दर ₹36,000/वर्गमीटर तय की गई।
इसी तरह:
- रामसागर पारा, साकेत नगर, शारदा विहार (पुरानी दरें: ₹32,000–34,000/वर्गमीटर)
→ नई दर (रेशनलाइज्ड): ₹35,000/वर्गमीटर,
→ 20% वृद्धि के बाद: ₹42,000/वर्गमीटर
ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक सुधार — समान मार्ग वाले गांवों की दरें बराबर
पहले समान मार्ग से जुड़े गांवों में भी भूमि दरों में भारी अंतर था। नई गाइडलाइन में इसे हटाकर दरों में एकरूपता लाई गई।
उदाहरण — रामपुर–नोनबिर्रा मार्ग से लगे गांव:
सेंद्रीपाली, बांधापाली, रामपुर, चैनपुर, बोतली, धिनारा, नवापारा
- पूर्व दरें : ₹9,65,000 – ₹16,60,000/हेक्टेअर
- नई दर : ₹40,00,000/हेक्टेअर
इससे किसानों को अधिग्रहण और बिक्री के दौरान वास्तविक लाभ मिलेगा।
पुराना भारी उपबंध हटाया — किसानों और खरीदारों पर शुल्क का बोझ कम
पूर्व गाइडलाइन (2019-20) में ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि की दर का 2.5 गुना करके किया जाता था।
अब यह भारी प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
अब परिवर्तित भूमि की कीमत कृषि भूमि की मूल दर से ही तय होगी, जिससे स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।
उदाहरण 1 : ग्राम कुरुडीह
- पुरानी गणना : ₹34,25,000 × 2.5 = ₹85,62,500
- नई गाइडलाइन (पूर्व प्रस्तावित): ₹78,00,000 × 2.5 = ₹1,95,00,000,
- लेकिन अब नई व्यवस्था के अनुसार मूल्य केवल ₹78,00,000 माना जाएगा।
उदाहरण 2 : ग्राम जोगीपाली
- पुराना मूल्य : ₹29,00,000 × 0.551 × 2.5 = ₹20,24,100
- नई व्यवस्था : भूमि मूल्य ₹29,00,000 × 0.551 = ₹15,98,000
→ सीधा लाभ।
ट्यूबवेल, सबमर्सिबल और कुएं का मूल्य अब संपत्ति मूल्य में शामिल नहीं
पहले:
- ट्यूबवेल/सबमर्सिबल : ₹85,000
- कुआँ : ₹70,000
→ संपत्ति मूल्य में जोड़े जाते थे।
अब ये मूल्य नहीं जोड़े जाएंगे, जिससे किसानों व आम नागरिकों का आर्थिक बोझ और कम होगा।
नई गाइडलाइन से बड़े लाभ
- भूमि मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और वास्तविक
- भूमि अधिग्रहण में किसानों को उचित मुआवजा
- संपत्ति लेन-देन सरल और विश्वसनीय
- रियल एस्टेट व निवेश को गति
- ग्रामीण व शहरी विकास में स्थिरता
यह संशोधन भूमि प्रबंधन और रियल एस्टेट सेक्टर में छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
