नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के बाद केंद्र सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का निर्देश जारी किया। इस हमले में मारे गए लोगों में अधिकांश पर्यटक थे। इसके बाद जारी ‘भारत छोड़ो’ नोटिस के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को विभिन्न वीज़ा श्रेणियों के अनुसार तय तारीखों तक भारत से जाना था। इस सरकारी आदेश की अंतिम तिथि 29 अप्रैल थी।
पिछले छह दिनों के भीतर कुल 786 पाकिस्तानी नागरिक, जिनमें 55 राजनयिक, उनके परिवारजन और सहायक कर्मचारी शामिल हैं, अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से पाकिस्तान लौट चुके हैं। अकेले 29 अप्रैल को 10 राजनयिकों सहित 94 पाकिस्तानी नागरिक भारत से रवाना हुए, जबकि 28 अप्रैल को 36 राजनयिकों समेत 145, 27 अप्रैल को 9 राजनयिकों समेत 237, 26 अप्रैल को 81, 25 अप्रैल को 191 और 24 अप्रैल को 28 पाकिस्तानी नागरिक भारत छोड़ चुके हैं।
इनके अलावा, आठ भारतीय नागरिक जो पाकिस्तानी वीज़ा पर भारत आए थे, वे भी पाकिस्तान लौट चुके हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान से भारत लौटने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। 24 से 29 अप्रैल के बीच 1,465 भारतीय नागरिक पाकिस्तान से भारत लौटे, जिनमें 25 राजनयिक और अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें 29 अप्रैल को 11 राजनयिकों सहित 469, 28 अप्रैल को 146, 27 अप्रैल को एक राजनयिक सहित 116, 26 अप्रैल को 13 राजनयिकों समेत 342, 25 अप्रैल को 287 और 24 अप्रैल को 105 भारतीय नागरिक वापस लौटे।

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि दीर्घकालिक, राजनयिक और आधिकारिक वीज़ा धारकों को इस आदेश से छूट दी गई है, जबकि आगंतुक, व्यवसाय, छात्र, फिल्म, पत्रकार, पर्वतारोहण, तीर्थयात्रा और समूह पर्यटक जैसे वीज़ा धारकों को निर्धारित तिथियों तक भारत छोड़ने को कहा गया। उदाहरणस्वरूप, दक्षेस वीज़ा धारकों के लिए अंतिम तिथि 26 अप्रैल, मेडिकल वीज़ा धारकों के लिए 29 अप्रैल और अन्य वीज़ा श्रेणियों के लिए 27 अप्रैल निर्धारित की गई थी।
भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात तीन रक्षा सलाहकारों (अताशे) को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करते हुए एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। उनके पांच सहायक कर्मचारियों को भी भारत छोड़ने को कहा गया है। साथ ही, भारत ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा अताशे को भी वापस बुला लिया है।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि जिन पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द किए गए हैं, वे समय सीमा के बाद भारत में न रुकें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से बात कर इस आदेश के पालन पर जोर दिया। इसके बाद गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चूंकि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सीधा हवाई संपर्क नहीं है, इसलिए कुछ पाकिस्तानी नागरिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के माध्यम से संभवतः किसी तीसरे देश के जरिए पाकिस्तान लौटे हैं। इसके अलावा, 151 पाकिस्तानी नागरिक दीर्घकालिक भारतीय वीज़ा पर अब भी भारत में मौजूद हैं।
