Raghav Chaddha : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में पार्टी ने राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया। इस फैसले के बाद पार्टी और चड्ढा के बीच खींचतान बढ़ गई है। पार्टी के कई नेताओं का आरोप है कि राघव केवल पीआर और प्रचार संबंधी मामलों पर ध्यान देते थे, जबकि चड्ढा का कहना है कि उन्हें “चुप करा दिया गया” क्योंकि वे लगातार उन मुद्दों को उठाते थे जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालते हैं।
राघव चड्ढा, जिन्हें कभी AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता था, दिल्ली और पंजाब मामलों में विशेष प्रभाव रखते थे। अब अंदरूनी राजनीतिक खींचतान के बीच उनका फोकस सार्वजनिक मुद्दों पर रहा।
Raghav Chaddha : राघव चड्ढा द्वारा उठाए गए 7 अहम मुद्दे
1. पैटरनिटी लीव और शेयर्ड केयरगिविंग
चड्ढा ने राज्यसभा में पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की। उनका कहना था कि केयरगिविंग की जिम्मेदारी केवल महिलाओं पर नहीं आनी चाहिए और यह एक साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए।
2. मेट्रो शहरों में ट्रैफिक संकट
बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक जाम को लेकर राघव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहर साल में 100 से 168 घंटे लोगों को ट्रैफिक में फंसा देते हैं।
3. 28-दिन का मंथली रिचार्ज और ‘इस्तेमाल करो या खो दो’ डेटा
चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों के डेटा प्लान्स पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड यूज़र्स का भुगतान करने के बावजूद डेटा अक्सर एक्सपायर हो जाता है और इसका कोई रिफंड नहीं मिलता। उन्होंने 30-31 दिन के प्लान बनाने की मांग की।
4. पीरियड्स हेल्थ और सम्मान
चड्ढा ने पीरियड्स हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को उजागर किया। उनका कहना था कि जब लड़कियों को स्कूल इसलिए छोड़ना पड़ता है क्योंकि पैड, पानी, डस्टबिन या प्राइवेसी नहीं है, तो यह व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता है।
5. एयरपोर्ट का खाना और ‘उड़ान यात्री कैफ़े’
राघव ने एयरपोर्ट पर महंगे खाने और यात्री सुविधाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का सस्ता और बेसिक खाना यात्रियों के लिए जरूरी है, और इससे जुड़े सुधारों का स्वागत किया।
6. राइट टू रिकॉल और राजनीतिक जवाबदेही
चड्ढा ने ‘राइट टू रिकॉल’ का समर्थन किया। उनका कहना था कि वोटर नेता को चुन सकते हैं तो उन्हें निकालने का भी अधिकार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कई लोकतांत्रिक देशों में इसका सिस्टम मौजूद है और सुरक्षा उपायों से इसका गलत इस्तेमाल रोका जा सकता है।
7. गिग वर्कर्स और उनके अधिकार
गिग इकॉनमी में काम करने वाले वर्कर्स की समस्याओं पर चड्ढा ने ध्यान दिया। उन्होंने बेहतर वेतन, इंसानी घंटे और बुनियादी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने खुद डिलीवरी वर्कर्स के साथ समय बिताकर उनकी चुनौतियों को समझा और उनकी मांगों का समर्थन किया।
राघव चड्ढा के इन मुद्दों को लेकर पार्टी में विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ये मुद्दे PR से ज्यादा जुड़े थे, जबकि राघव चड्ढा का दावा है कि उन्होंने जनता की असली समस्याओं पर आवाज उठाई।
