Bangladesh Violence: ढाका/खुलना। बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला खुलना शहर से सामने आया है, जहां सोमवार को नेशनल सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी) के केंद्रीय श्रमिक संगठन के नेता मोहम्मद मोतालेब सिकदर पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चला दी। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब देश की अंतरिम सरकार पहले से ही भारी दबाव में है। हाल ही में युवा नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में व्यापक हिंसा, तोड़फोड़ और तनाव का माहौल बना हुआ है। कट्टरपंथी समूहों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी में ठोस प्रगति की मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने स्वीकार किया था कि मुख्य संदिग्ध के ठिकाने को लेकर उनके पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
Mohammad Motaleb Sikdar: ऐसे हालात में अब एक और प्रमुख राजनीतिक नेता पर हमला सरकार और प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। माना जा रहा है कि इस घटना से देश में एक बार फिर हिंसा भड़कने की आशंका गहरा गई है।

गौरतलब है कि 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में चुनावी अभियान के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उस्मान हादी को सिर में गोली मार दी थी। इलाज के लिए सिंगापुर ले जाए जाने के बाद उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे देश में हिंसक घटनाएं, आगजनी और तोड़फोड़ देखने को मिली थी।
इस बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यूज एजेंसी को दिए बयान में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पतन के बाद देश में अराजकता कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने चरमपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है, आतंकवाद से जुड़े लोगों को रिहा किया गया है और ऐसे समूहों को सार्वजनिक जीवन में जगह दी गई है।
शेख हसीना ने कहा कि लगातार हो रही हत्याएं और हिंसक घटनाएं यह दिखाती हैं कि देश में हिंसा अब एक सामान्य स्थिति बनती जा रही है, जिसे रोकने में अंतरिम सरकार या तो नाकाम है या इच्छुक नहीं है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं न सिर्फ बांग्लादेश की आंतरिक स्थिरता को कमजोर कर रही हैं, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर भी नकारात्मक असर डाल रही हैं।
